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कुसुमेंद्र ज्योतिष अनुसंधान केंद्र
आचार्य आशुतोष नारायण त्रिपाठी • दिल्ली
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वैदिक परंपरा एवं साधना

आचार्य आशुतोष नारायण त्रिपाठी का परिचय

वैदिक ज्योतिषी एवं वास्तु विशेषज्ञ, दिल्ली35 वर्षों से निरंतर वैदिक ज्योतिष एवं वास्तु अभ्यास

"ज्योतिष केवल भविष्य जानने का साधन नहीं, जीवन को सही दिशा देने का शांत विज्ञान है।"

आचार्य आशुतोष नारायण त्रिपाठी अध्ययन एवं कुंडली विचार करते हुए
आचार्य आशुतोष नारायण त्रिपाठी • वैदिक ज्योतिषाचार्य, दिल्ली

ज्योतिष यात्रा एवं साधना के अनुभव

आचार्य आशुतोष नारायण त्रिपाठी पिछले 35 से अधिक वर्षों से दिल्ली में वैदिक ज्योतिष का निरंतर अभ्यास कर रहे हैं। शास्त्रीय पराशरी परंपरा में दीक्षित, उनका परामर्श कार्य पीढ़ियों से परिवारों के विश्वास और मौखिक अनुशंसा पर आधारित है।

ज्योतिष मेरे लिए भविष्य कथन का मनोरंजन नहीं, बल्कि मानव चेतना और समय चक्र (काल) के परस्पर संबंध को समझने का एक शास्त्रीय विज्ञान है। जब कोई व्यक्ति किसी गंभीर असमंजस — चाहे वह वैवाहिक निर्णय हो, आर्थिक संकट हो या स्वास्थ्य की चिंता — में आता है, तो एक ज्योतिषी का पहला कर्तव्य उसे भयभीत करना नहीं, बल्कि समय की गति को समझाकर सही निर्णय लेने का विवेक देना है।

कुंडली विश्लेषण में लग्न, चंद्र कुंडली और नवमांश (D9) का सूक्ष्म समन्वय किया जाता है। वास्तविक ग्रह स्पष्ट मान और दृक गणितीय गणनाओं के आधार पर ही सटीक समय और दशाओं का फलित प्रस्तुत किया जाता है।

परंपरा एवं अध्ययन पद्धति

गुरु एवं परंपरा:

पारंपरिक गुरुकुल पद्धति से दीक्षित वैदिक पराशरी परंपरा

विशेषज्ञता का क्षेत्र:

वैदिक पराशरी ज्योतिष, वास्तु शास्त्र (आवासीय एवं व्यावसायिक), प्रश्न शास्त्र, मुहूर्त विचार एवं जन्मपत्रिका विश्लेषण

परामर्श की भाषाएं:

हिन्दी, Sanskrit & English

केंद्र का स्थान:

नई दिल्ली (व्यक्तिगत व ऑनलाइन)

हमारी परामर्श पद्धति

  • प्रत्येक पत्रिका की गणना व्यक्तिगत रूप से की जाती है; स्वचालित या कंप्यूटर जनित फलकथनों पर निर्भरता नहीं रखी जाती।
  • लग्न, चंद्र कुंडली और नवमांश — इन तीनों का मिलान किए बिना कोई निष्कर्ष नहीं दिया जाता।
  • दोषों का भय दिखाने के बजाय शास्त्रीय परिहार और व्यावहारिक आचरण पर बल दिया जाता है।
  • परामर्श का वातावरण पूर्णतः शांत, गोपनीय और एकाग्र रहता है।