आचार्य आशुतोष नारायण त्रिपाठी
पारंपरिक पराशरी पद्धति, वास्तु शास्त्र एवं सूक्ष्म गणितीय गणनाओं द्वारा जीवन तथा आवास के वास्तविक निर्णयों में शांत एवं प्रामाणिक मार्गदर्शन।


बिना किसी अंधविश्वास के शुद्ध ज्योतिषीय गणित
प्रत्येक परामर्श व्यक्तिगत रूप से आचार्य आशुतोष नारायण त्रिपाठी जी द्वारा दिया जाता है। पारंपरिक पराशरी ज्योतिष में जन्मकुंडली आपके जन्म समय के आकाशीय ग्रहों का सटीक गणितीय मानचित्र है।
✦कुंडली भाव अन्वेषक
किसी भी भाव (१ से १२) पर क्लिक कर उसके शास्त्रीय फल समझें
लग्न व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य, स्वभाव, आत्मबल और समग्र जीवन के मूलभूत दृष्टिकोण का निर्धारण करता है।
आप किस विषय पर मार्गदर्शन चाहते हैं?
अपने तात्कालिक विषय का चयन करें; आपको उपयुक्त परामर्श श्रेणी और समय की स्पष्ट जानकारी मिलेगी।
संपूर्ण जन्मकुंडली विश्लेषण
50–60 मिनट • व्यक्तिगत अथवा वीडियो कॉल
समग्र जीवन दिशा, वर्तमान ग्रह दशा, आगामी 3–5 वर्ष एवं आजीविका, स्वास्थ्य व पारिवारिक स्थिति
परामर्श सेवाएं एवं स्पष्ट शुल्क
प्रत्येक परामर्श व्यक्तिगत रूप से आचार्य आशुतोष नारायण त्रिपाठी जी द्वारा दिया जाता है।
प्रश्न विचार (तात्कालिक प्रश्न परामर्श)
वर्तमान में किसी एक विशेष निर्णय, रुकावट अथवा तत्काल समस्या का समाधान
विवाह एवं कुंडली मिलान
वर-कन्या का मानसिक एवं स्वभावगत सामंजस्य, वैवाहिक स्थायित्व, मांगलिक विचार एवं विवाह का शुभ मुहूर्त
संपूर्ण जन्मकुंडली विश्लेषण
समग्र जीवन दिशा, वर्तमान ग्रह दशा, आगामी 3–5 वर्ष एवं आजीविका, स्वास्थ्य व पारिवारिक स्थिति
वास्तु शास्त्र: आवासीय एवं व्यावसायिक ऊर्जा संतुलन
जन्मकुंडली के साथ-साथ आपके निवास एवं कार्यस्थल की दिशा व ऊर्जा का भी जीवन के सुख, स्वास्थ्य और आर्थिक प्रगति पर गहरा प्रभाव पड़ता है। आचार्य आशुतोष नारायण त्रिपाठी जी द्वारा आवासीय एवं व्यावसायिक वास्तु का सूक्ष्म शास्त्रीय परीक्षण किया जाता है।
आवासीय वास्तु (Residential Vastu)
भवन के मुख्य ऊर्जा केंद्रों का शास्त्रीय संतुलन: ब्रह्मस्थान (मध्य भाग की पवित्रता), ईशान कोण (मंदिर एवं जल प्रवेश), आग्नेय कोण (रसोई घर), एवं नैऋत्य कोण (गृहस्वामी का मुख्य शयनकक्ष) जिससे परिवार में सुख-शांति, स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।
व्यावसायिक एवं औद्योगिक वास्तु (Commercial Vastu)
कार्यालयों, दुकानों एवं औद्योगिक इकाइयों का रणनीतिक वास्तु नियोजन। मुख्य निर्णयकर्ता/स्वामी की बैठक, रोकड़ पेटी (कुबेर स्थान - उत्तर दिशा), ग्राहक प्रवेश द्वार एवं भंडार गृह (वायव्य कोण) का सही संरेखण ताकि व्यापारिक स्थिरता व धन प्रवाह सुगम रहे।
बिना तोड़-फोड़ शास्त्रीय उपाय (Non-Destructive)
बिना किसी तोड़-फोड़ या अनावश्यक व्यय के वास्तु दोषों का निवारण। पंचमहाभूतों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) का संतुलन, विशिष्ट धातु, रंग चिकित्सा, ऊर्जा संवाहक यंत्र एवं वस्तु विन्यास के शास्त्रीय प्रयोगों द्वारा दोषों का शांत एवं प्रभावी शमन।